नमस्कार मित्रो आज हम आपको Import Export Business कैसे करें इसके बारे में बता रहे है, आज के समय में इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के बिजनेस को भारत के सबसे अधिक मुनाफे वाले बिजनेस में से एक माना जाता है, अगर आप इस बिजनेस को सही प्लानिंग और कानूनी नियमो के साथ शुरू करते है तो यह बिजनेस आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है.

इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस एक ऐसा बिजनेस है जिसमे आपको प्रोडक्ट या अन्य चीजो को एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहुंचाना होता है, इसके बदले आपको पैसे दिए जाते है वही आपकी कमाई होती है, अगर इस बिजनेस को सही प्लानिंग के साथ शुरू किया जाये तो इस बिजनेस के सफल होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है.
Import Export Business कैसे करें
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस बहुत ही जिम्मेदारी वाला बिजनेस होता है, इसलिए इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको इस बिजनेस का अच्छा खासा अनुभव होना जरूरी है, इसके साथ ही आपको इस बिजनेस में सभी कानूनी नियमो का सावधानीपूर्वक पालन करना आवश्यक है, इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको निम्न प्रक्रिया फॉलो करनी होगी.
कंपनी का रजिस्ट्रेशन करें
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है, आप अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन निम्न प्रकार से करवा सकते है.
- अगर आप अकेले बिजनेस शुरू करना चाहते है तो Sole Proprietorship के लिए रजिस्टर करें.
- अगर आप दो या दो से ज्यादा लोग मिलकर बिजनेस शुरू कर रहे है तो Partnership Firm के लिए रजिस्टर करें.
- अगर आप बड़े स्तर पर बिजनेस शुरू कर रहे है तो आपको LLP या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लिए रजिस्टर करें.
इसमें आप जिस प्रकार से बिजनेस को शुरू कर रहे है उसके हिसाब से आपको रजिस्ट्रेशन करवाना होगा एवं अगर आप Sole या पार्टनरशिप में रजिस्ट्रेशन करवाते है तो बिजनेस बढ़ने के बाद आप उसे LLP या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कन्वर्ट भी कर सकते है.
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए जरूरी दस्तावेज बनाए
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको कुछ आवश्यक दस्तावेज बनाने जरूरी है, इसके लिए आपके पास निम्न प्रकार के दस्तावेज होने चाहिए.
- इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए आपके पास आधार कार्ड, पेन कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज होने चाहिए.
- इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू करने के लिए आपको IEC (इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड) बनाना अनिवार्य है.
- इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के बिजनेस में पैसो का लेनदेन करने के लिए आपको करंट बैंक अकाउंट खुलवाना होगा.
- इस बिजनेस में टैक्स इनवॉइस और ड्यूटी रिफंड को क्लेम करने के लिए आपको जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है.
- अगर आप सारकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहते है तो आपको रजिस्ट्रेशन कम मेम्बरशिप सर्टिफिकेट बनाना होगा.
- इस बिजेनस को शुरू करने के लिए आपको Authorized Dealer कोड प्राप्त करना अनिवार्य है.
अगर आपके पास निम्न प्रकार के सभी दस्तावेज और सर्टिफिकेट है तो इसके बाद आप खुद का इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू कर सकते है.
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के लिए प्रोडक्ट चुने
जब आप इतनी प्रक्रिया पूरी कर लेते है तो इसके बाद इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको सही प्रोडक्ट का चुनाव करना होगा, इस बिजनेस में आप निम्न प्रकार के प्रोडक्ट का चुनाव कर सकते है.
- बासमती चावल
- मसाले
- चाय और कॉफी
- रेडीमेड गारमेंट्स
- हैंडीक्राफ्ट
- ऑर्गेनिक फूड
- लेदर प्रोडक्ट
- इंजीनियरिंग गुड्स
- ज्वेलरी आदि
अगर आप इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का नया बिजनेस शुरू कर रहे है तो शरूआत में आपको ऐसे प्रोडक्ट का चुनाव करना चाहिए जिनकी बाजार में अधिक डिमांड हो, इससे आपके बिजनेस में अच्छी ग्रोथ हो सकती है.
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के लिए मार्केट रिसर्च करें
जब आप प्रोडक्ट का चुनाव कर लेते है तो इसके बाद बिजनेस शुरू करने के लिए आपको अपने प्रोडक्ट से जुडी मार्केट रिसर्च करनी होगी एवं यह पता करना होगा की आपने जिस प्रोडक्ट का चुनाव किया है उस प्रोडक्ट की डिमांड कौन कौनसे देशो में अधिक है, इसके अलावा आपको यह भी पता करना होगा की आपके प्रतियोगी कौन कौन है एवं वो किस प्रकार से बिजनेस कर रहे है, अगर आप सही तरीके से मार्केट रिसर्च कर लेते है तो इससे आपको बिजनेस बढाने में आसानी होगी.
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के लिए सप्लायर खोजे
जब आप इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू करते है तो उस वक्त सप्लायरों को ढूंढना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, ऐसे में आप अपने बिजनेस में निम्न तरीको से नए सप्लायर ढूंढ सकते है.
- आप Alibaba, IndiaMart और TradeIndia जैसे पोर्टल पर अपनी कंपनी को रजिस्टर कर सकते है, इससे आपको सप्लायर मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.
- अगर आप अपने बिजनेस को Export Promotion Council (EPC) या अन्य सरकारी निर्यात प्रोत्साहन संस्थाओं से जोड़ते है तो यहं पर आपको विदेशी सप्लायर का डेटा मिल जाता है जिससे आप उनसे डायरेक्ट संपर्क कर सकते है.
- सरकार और प्राइवेट कंपनियों के द्वारा देश विदेश में व्यापार के मेले आयोजित किये जाते है जहाँ पर आप सीधे सप्लायर के साथ मुलाक़ात कर सकते है.
- आप अपने बिजनेस की एक प्रोफेशनल वेबसाइट बना सकते है एवं आप LinkedIn का उपयोग करके परचेज मैनेजर्स से सम्पर्क कर सकते है.
यह कुछ खास तरीके है जिसका उपयोग करके आप आसानी से देश विदेश के सप्लायरों से संपर्क कर सकते है एवं अपने बिजनेस को तेजी से ग्रो कर सकते है.
पेमेंट और लॉजिस्टिक्स
जब आप इंटरनेशनल बिजनेस करते है तो कई बार सामने वाली कंपनी आपको पेमेंट देने में कई तरह के बहाने बना सकती है, इसलिए इस बिजनेस में आपको लैटर ऑफ़ क्रेडिट या एडवांस पमेंट के आधार पर कार्य करना चाहिए, इससे आपके पेमेंट के डूबने या लेट होने के चांस नही होते.
इसके साथ ही आपको सामान को बंदरगाह तक पहुंचाने, कस्टम क्लियरेंस करवाने एवं सामान को जगह पर लोड करवाने के लिए कस्टम एजेंट हायर करना होगा, यह बंदरगाह पर आपके कार्य को बहुत ही आसान कर देगा एवं आपका अधिकांश काम ये खुद पूरा करवा देते है.
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के बिजनेस में रिस्क
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू करने से पहले आपको इसके रिस्क की जानकारी पता होनी चाहिए, हम आपको इस बिजनेस से जुड़े कुछ ख़ास रिस्क बता रहे है जो निम्न प्रकार से है.
- इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के बिजनेस में कई बार विदेशी कंपनिया समय पर भुगतान नहीं करती, इसे आपके बिजनेस का कैश फ्लो प्रभावित हो सकता है.
- कुछ मामलो में फर्जी खरीददार बड़े आर्डर का ललच देकर धोखाधड़ी कर सकते है एवं माल प्राप्त करने के बाद पैसे देने से इनकार कर सकते है.
- कई बार ख़राब मौसम, कंटेनर की कमी और पोर्ट की भीड़ से डिलीवरी में देरी हो सकती है, इससे आपको भविष्य में मिलने वाले आर्डर प्रभवित हो सकते
- दस्तावेजो में कोई त्रुटी होने पर, गलत HS कोड का उपयोग करने पर एवं सरकारी नियमो का उलंघन होने पर आपका माल कस्टमर में रुक सकता है, जिससे अतिरिक्त शुल्क, जुर्माना और डिलीवरी में देरी की समस्याएं हो सकती है,
- इंटरनेशनल व्यापर में सभी भुगतान विदेशी मुद्रा में किये जाते है, ऐसे में यही आर्डर मिलने और भुगतान प्राप्त होने के बिच एक्सचेंज रेट में बदलाव होता है तो इसका असर आपके लाभ पर पड़ सकता है.
- अगर ख़राब पैकिंग, असुरक्षित लोडिंग-अनलोडिंग या दुर्घटना के कारण उत्पाद खराब हो जाये तो इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है एवं इसका असर बिजनेस पर पड़ सकता है.
निम्न प्रकार से इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के बिजनेस में विभिन्न प्रकार के नुकसान होने की संभावना भी बनी रहती है, अगर आप इस नुकसान से बेचना चाहते है तो आपको इम्पोर्ट एक्सपोर्ट के बिजनेस का अच्छा खासा अनुभव होना चाहिए.
इस लेख में हमने इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस कैसे करें इससे जुडी जानकारी प्रदान की है, अगर आपके मन में इस बिजनेस से जुडा किसी भी प्रकार का सवाल है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है एवं जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें.
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना / Disclaimer
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